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निदेशक भा प्रौ सं मुंबई

प्राध्यापक चौधुरी वर्तमान में विद्युत अभियांत्रिकी विभाग में कमलनयन बजाज पीठासीन प्राध्यापक हैं और भाप्रौस मुंबई में 'भाप्रौस मुंबई मोनाश अकादमी' के प्राध्यापक प्रभारी भी रहे हैं।

उन्होंने 1985 में भाप्रौस खड़गपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की और 1987 में कैलगरी यूनिवर्सिटी, कनाडा से एमएससी की। उन्होंने 1990 में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन डिएगो, अमेरिका से पीएचडी पूरी की।

प्राध्यापक चौधुरी ने भाप्रौस मुंबई में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है, जिसमें उप निदेशक (शैक्षिक एवं मूलभूत सुविधा कार्य), संकायाध्यक्ष (अंतरराष्ट्रीय संबंध), विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष और छात्रावास की वार्डनशिप भी शामिल हैं।

प्राध्यापक शुभाशिस् चौधुरी इमेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विजन, मशीन लर्निंग और कम्प्यूटेशनल हैप्टिक्स के क्षेत्र में  कार्य करते हैं। कुछ क्षेत्रों में जहां उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वे हैं- डिफोकस की गई छवियों से गहराई से रिकवरी, इमेज सुपर-रिज़ॉल्यूशन, ब्लाइंड डीकन्वोल्यूशन, हाइपर-स्पेक्ट्रल इमेज विज़ुअलाइज़ेशन और रिमोट सेंसिंग इमेज में पैटर्न अभिज्ञान। हैप्टिक्स के क्षेत्र में, उनका प्रमुख योगदान प्वाइंट क्लाउड डेटा, काइनेस्थेटिक धारणा और हैप्टिक डेटा संचार के हेप्टिक प्रतिपादन में निहित है।

प्राध्यापक चौधुरी को उनके शोध के लिए कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इनमें जी.डी. बिर्ला अवार्ड फॉर साइंटिफिक रिसर्च, एनएएसआई-रिलायंस इंडस्ट्रीज प्लेटिनम जुबली अवार्ड फॉर एप्लिकेशन ओरिएंटेड इनोवेशन, जे.सी. बोस नेशनल फेलोशिप, आईआईटी बॉम्बे के पुरस्कारों में प्रा.एच.एच. माथुर अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार, इंजीनियरिंग साइंसेज में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, स्वर्णजयंती फैलोशिप और प्राध्यापक हरिओम प्रेरित डॉ विक्रम साराभाई शोध पुरस्कार। वे भाप्रौस खड़गपुर के एक विशिष्ट पूर्व छात्र भी हैं।

प्राध्यापक चौधुरी इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (आईएनएई), इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज (आईएएससी), नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (एनएएसआई) और इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (आईएनएसए) के फेलो रह चुके हैं। वे आईईईई  के फेलो भी हैं। 

प्रो.चौधुरी 2006-2008 के दौरान पैटर्न एनालिसिस एंड मशीन इंटेलिजेंस (पीएएमआई) पर एसआईईई जर्नल, 2018 से एसआईएएम जर्नल एसआईआईएमएस और 2004 से इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ कंप्यूटर विज़न (आईजेसीवी) के संपादकीय बोर्ड में रहे हैं। वे यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्रांस, टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, जर्मनी, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर, यूनिवर्सिटी ऑफ एर्लांगेन, जर्मनी और हांगकांग बैपटिस्ट यूनिवर्सिटी जैसे कई अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में एक विजिटिंग प्रोफेसर भी हैं।