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अनुसंधान और विकास

संपूर्ण विश्व निरंतर प्रौद्योगिकी से अग्रसर हो रहा है। विश्वविद्यालय अनुसंधान किसी राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि की नींव है और भा.प्रौ.सं. मुंबई अग्रणी क्षेत्रों में मौलिक दीर्घकालीन अनुसंधान के लिए प्रतिबद्ध है । भा.प्रौ.सं. ने प्रौद्योगिकीय आत्म–निर्भरता प्राप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में अपने अनुसंधान एवं विकास को केंद्रित करने के लिए सम्मिलित प्रयास किए गए हैं । विद्यार्थी और संकाय सदस्य विज्ञान और अभियांत्रिकी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान परियोजनाएं करते हैं ।  ज्ञान की विस्तारित सीमाओं और वैश्विक विकास के साथ गति मिलाने के लिए संस्थान ने कई राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों, सरकारी और उद्योगों के साथ शैक्षिक और अनुसंधान सहयोग संबंध बनाए हुए हैं साथ ही राष्ट्रीय आवश्यकताओं को भी निरंतर पूरा कर रहे हैं। अनुसंधान के अग्रणी  क्षेत्र में इसकी उत्कृष्ट - गौरवपूर्ण स्थिति इसकी अनुसंधान परियोजनाओं की प्रभावशाली सूची से प्रतिबिम्बित होता है जो हमारी राष्ट्रीय आवश्यकताओं एवं वैश्विक विकास दोनों को पूरा करती है । संस्थान का अनुसंधान वित्तपोषण और औद्योगिक संबंध का प्रबंध औद्योगिक अनुसंधान और परामर्शद केंद्र (आईआरसीसी) द्वारा किए जाते हैं ।  विशेषज्ञता के उपलब्ध क्षेत्रों, परामर्शद, अनुसंधान सुविधाओं, अंतरण और लाइसेंसिंग संबंधी प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान प्रशिक्षुवृत्ति और उद्योग अनुसंधान साझेदारी  संबंधी  विस्तृत विवरण के लिए ‘भा.प्रौ.सं. मुम्बई में कैरियर एवं रोजगार’ लिंक पर जाए ।